
ग्रीष्मावकाश शुरू हो गया है, तुम लोग भी स्वयं को तनावमुक्त व हल्का महसूस कर रहे होगे, क्योंकि होमवर्क करना, पढ़ाई करने की जिम्मेदारी से अब आपको मुक्ति मिल गई है। दिन भर खेल, धमाचौकड़ी करने की कल्पना मात्र से सभी बच्चे प्रफुल्लित रहते हैं, लेकिन ऐसा कुछ समय तक ही रहता है। फिर बच्चों को बोरियत महसूस होने लगती है कि लंबी दुपहरी कैसे बिताई जाए? क्यों न इस बार छुट्टियां सार्थक व ज्ञानवर्द्धक कार्यों में व्यस्त कर इन छुट्टियों को यादगार बनाया जाए।
छुट्टियों में तुम लोग हिंदी व अंग्रेजी के नए शब्द सीख सकते हो सामान्य ज्ञान, चिल्डे्रन नॉलेज, बैंक व अन्य इसी तरह की पुस्तकें पढ़ने से ज्ञान में अभिवृद्धि की जा सकती है। तुम्हें जिस क्षेत्र में भी रुचि हो उसका प्रशिक्षण ले सकते हो। संगीत, वादन, चित्रकला, पेंटिंग अथवा अन्य जो कुछ भी तुम सीखना चाहते हो, उसे सीखें बडे बच्चे बागवानी के कार्यों में बड़ों की मदद कर सकते हो। बागवानी से हमें प्रकृति के बारे में नई-नई बातों को जानने का अवसर मिलता है। कुछ बड़ी लड़कियां, जिन्हें सिलाई, कढ़ाई, बुनाई में रुचि हो, वे इन्हें सीख सकती है। वैसे भी वर्षभर पढ़ाई की व्यस्तता के कारण इन कलाओं को सीखना संभव नहीं होता। कंप्यूटर के युग में कंम्यूटर की शिक्षा भी प्राप्त की जा सकती है।
जूडो कराटे या अन्य शरीर सौष्ठव संबंधी प्रशिक्षण लिया जा सकता है। यदि किसी विशेष खेल में रुचि हो तो उसकी भी कोचिंग कर सकते हो। दिन भर घर में कैद रहने से अच्छा है कि तुम लोग शारीरिक, मानसिक विकास के लिए हम उम्र बच्चों के साथ खेलो। वैसे सीमित समय तक टीवी देख सकते हो। लगातार टीवी देखते रहने से मानसिक विकास व ज्ञान कुंठित होता है।
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